Computer चलाना सीखे – कंप्यूटर सिखने कि पूरी जानकारी

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नमस्कार दोस्तों, आज हम फिर हाजिर है computer कि न्यू पोस्ट लेकर जिसमे हम आपको बताने वाले है कि computer कैसे सीखे बताने वाले है. अगर आप कंप्यूटर फ़ील्ड में नए-नए आये है और कंप्यूटर के बारे में कोई अधिक जानकारी नहीं है कि कंप्यूटर क्या होता है और कैसे काम करता है तो आप हमारी पिछली पोस्ट पढ़ कर जान सकते है. इस पोस्ट में हम आपको computer सीखे , कंप्यूटर कैसे सीखे, computer kaise sikhe, computer chalana sikhe.

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यहाँ पर हमने कंप्यूटर सीखने के लिए सभी जरुरी हैडिंग बताई है अगर आप इनमे से किसी भी हैडिंग निचे दी गयी टेबल पर क्लिक कर पढ़ सकते है.

कंप्यूटर क्या है? Computer कैसे सीखे?

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक machine है जो आंकड़ो एवं डाटा को process कर कार्यो में गति शुद्धता तथा स्वचालन के साथ असीमित संग्रह क्षमता भी प्रदान करता है. कंप्यूटर तथा कैलकुलेटर में यह अंतर है कि कंप्यूटर सुचना को संगृहीत तथा अंको तथा शब्दों में अभिव्यक्त कर सकता है.

चूँकि हम computer कैसे सीखे जानना चाहते है तो सबसे पहले हमे कंप्यूटर के पार्ट्स (हिस्सों) के बारे में पता होना चाहिए जिनसे मिलकर कंप्यूटर बना हुआ है.

Computer के External (बाह्य) पार्ट्स कि जानकारी

External Parts (भाग) वह पार्ट जो कंप्यूटर के बाहरी भाग होते है और जिनसे हम कंप्यूटर चलने और computer सिखने में उपयोग करते है कहलाते है.

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  • कीबोर्ड (Keyboard) :- कीबोर्ड का उपयोग सूचनाओ को टाइप करने के लिए किया जाता है. अर्थात कीबोर्ड लोगो द्वारा समझी जाने वाली संख्याओ, अक्षरों और विशेष करैक्टर को विद्युतीय सिग्नलों में परिवर्तित कर देता है. यह सिग्नल system unit में भेजे जाते है और उसके द्वारा process किये जाते है. अधिकतर कीबोर्ड में बटनों (key) कि एक ऐसी व्यवस्था का उपयोग होता है जिसे क्वर्टी (QWERTY) कहते है. यह नाम कीबोर्ड कि उस व्यवस्था को दर्शाता है, जो कीबोर्ड के बटनों में अक्षरों कि सबसे उपरी पंक्ति में मोजूद होते है. सर्वाधिक प्रचलित कीबोर्ड जैसे – पारंपरिक कीबोर्ड, लचीले कीबोर्ड, एर्गोनोमिक कीबोर्ड, wireless कीबोर्ड, PDA कीबोर्ड आदि. Computer सीखे ने में कीबोर्ड चलाना सबसे पहले सीखे.
  • माउस (Mouse) :- माउस एक pointing डिवाइस है. यह मॉनिटर (Desktop) पर नजर आने वाले पॉइंटर को नियंत्रित करता है. आमतोर पर माउस एक तीर के रूप में नजर आता है, जबकि एप्लीकेशन के आधार पर इसका आकर बदल जाता है. माउस में एक, दो या तिन बटन हो सकते है जिनके जरिये निर्देशों के विकल्प चुने जाते है.
  • स्कैनर (Scanner):- इसका उपयोग फोटो या ग्राफ़िक को कंप्यूटर में इनपुट करने के लिए किया जाता है.
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  • मोनिटर (Monitor):- यह टीवी कि तरह होते है इनका उपयोग सूचनाओ को देखने के लिए किया जाता है.
  • प्रिंटर (Printer):- इसका उपयोग सूचनाओ को पेज पर प्रिंट (छपाई) करने के लिए किया जाता है.
  • यूपीएस (UPS) :- यूपीएस का फुल फॉर्म Uninterruptible Power Supply यह कंप्यूटर में unexpected पॉवर कि कटोती से बचाता है. यानि कि अगर आप computer
    सीखे
    रहे है या कंप्यूटर चला रहे है तब ऐसें अगर लाइट कट हो जाती हैतो यह कंप्यूटर 40-50 मिनट तक भी चालू रख सकता है.
  • स्पीकर (Speaker):- यह एक output डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर/लैपटॉप में audio सुनने के लिए किया जाता है.

Computer के Internal (आतंरिक) पार्ट्स कि जानकारी

जब आपने computer कैसे सीखे में कंप्यूटर के बाह्य भागो के बारे में पढ़ ही ldf लिया है तो आपको कंप्यूटर के आतंरिक भागो के बारे में भी जरुर जानना चाहिए जिनसे मिलकर कंप्यूटर बना है और कंप्यूटर system में अहम् भूमिका निभाते है.

  • CPU:- एक सिलिकॉन कि चिप जिसमे CPU लगा होता है. पर्सनल कंप्यूटर कि दुनिया में माइक्रोप्रोसेसरऔर CPU दोनों एक ही है. CPU को कंप्यूटर का दिमाग भी कहते है.
  • SMPS:- इसका पूरा नाम Switched Mode Power Supply होता है. यह कंप्यूटर में आने वाली विद्युत धारा को control करने का काम करता है. अगर आवश्यकता से अधिक विद्युत धारा कंप्यूटर में प्रवेश करती है तो यह उसे कंप्यूटर में आने से रोकता है और नियमित धारा को ही अन्दर जाने देता है.
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  • मेमोरी:- मेमोरी उस भोतिक डिवाइस को कहते है जहा program या डाटा को अस्थाई या स्थाई रूप में कंप्यूटर या दुसरे डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक में रखा जाता है. मेमोरी 2 प्रकार कि होती है.- 1. प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) 2. Secondary Memory (सेकेंडरी मेमोरी)
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  • RAM:- इसका पूरा नाम Random Access Memory कहते है. यह एक अस्थाई स्टोरेज होता है इसे प्राथमिक मेमोरी भी कहा जाता है. कोई भी program चलने से पहले वो मेमोरी में लोड होता है ताकि CPU उसे डायरेक्ट use कर सके. यह 2 तरह कि होती है- SRAM, DRAM.
  • ROM:- इसका पूरा नाम Read Only Memory होता है. यह एक स्थाई मेमोरी होती है. इसमें कंप्यूटर के स्टार्ट होने कि process लिखी होती है. इसे हम ram कि तरह बदल नहीं सकते है. BIOS (Basic Input Output System) भी एक रोम है.
  • हार्ड डिस्क:- इसे शॉर्टकट में HDD कहते है. और इसका पूरा नाम हार्ड डिस्क ड्राइव होता है. इसमें कंप्यूटर के लिए ऑपरेटिंग system इनस्टॉल होता है और user अपने डाटा या इनफार्मेशन को हार्ड डिस्क में स्टोर करता है और जरुरत पड़ने पर इसे उसे भी कर सकता है. इसकी क्षमता बहुत अधिक होती है. इसकी कार्य करने कि क्षमता को RPM में नापा जाता है. RPM जितना अधिक होगा हार्ड डिस्क उतनी तेजी से काम करेगी. वर्तमान में बाजार में 100 TB से अधिक स्टोरेज क्षमता कि ड्राइव उपलब्ध है.

ऊपर बताये यह सभी महत्वपूर्ण भाग है जिनसे मिलकर कंप्यूटर बना होता है और कंप्यूटर चलता है. इसे ही कंप्यूटर कि बेसिक जानकारी कहा जाता है. क्या आप मेरे द्वारा ऊपर बताई जानकारी- computer सीखे से संतुष्ट है अगर आपको लगता है कि अभी भी कोई कमी है तो हमे कमेंट कर जरुर बताये.

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