Winter season in 2021भारत में सर्दी का मौसम

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Saurabh Guptahttp://karekaise.in
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इस आरटिकल में आप जानेंगे की winter season क्या है और भारत में first day of winter 2021 कब है। दोस्तों आज आप ये भी जानेंगे की equinox और winter solstice किसे कहते हैं। भारत में सर्दी का मौसम आने के कारण क्या है और इसका जड़ा प्रभाव किन – किन राज्यो पर पड़ता है।

चलिए में आपको विस्तार से बताता हूं कि शरद ऋतु क्या है और ये India में कैसे आती हैं।

what is winter season /शरद ऋतु क्या है

जब सूर्य की किरणें किसी भी  एक hemisphere में पूरी तरह नहीं पहुंचती है तब उस hemisphere के तापमान में गिरावट आता है और इसे ही शरद ऋतु या winter season कहते हैं। शीतकालीन संक्रांती ( winter solstice) पर दिन पूरे वर्ष में सबसे छोटा होता है। सर्दी उस गोलार्ध में पृथ्वी के धुरी के कारण होती है जो सूर्य से दूर होती है। विभिन्न संस्कृतिया अलग-अलग तिथियों को सर्दियों की शुरुआत के रूप में परिभाषित करती है और कुछ मौसम के आधार पर परिभाषा का उपयोग करती हैं।

The two things responsible for the changes of season / ऋतु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार दो चीजें 

1. Tilting of Earth / पृथ्वी का झुकाव

जैसा कि हम जानते हैं कि हमारी पृथ्वी 23.5 डिग्री झुकी हुई है जिस कारण से सूर्य की रोशनी पृथ्वी के ऊपर के भाग या फिर नीचे के भाग तक ही पहुंच पाती है और इसी कारण से एक भाग पर ग्रीष्म ऋतु तो  एक भाग पर शरद ऋतु आ जाती हैं।

Tilting of the earth जिसकी वजह से winter season आता है
पृथ्वी झुकी हुई कैसे दिखती है

2.Revolution of the Earth around sun / सूर्य के चारों ओर पृथ्वी का परिक्रमा करना 

आपने यह जरूर सुना होगा कि हमारी पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है जिस कारण से seasons में भी बदलाव आता है जैसे की आपने अभी जाना कि पृथ्वी झुकी हुई है जिस कारण से एक भाग्य या गोलार्ध पर ग्रीष्म ऋतु होती है तो एक पर शरद ऋतु और पृथ्वी के साथ साथ परिक्रमा करने के कारण जिस भाग या hemisphere पर पहले ग्रीष्म ऋतु थी अब वहां पर शरद ऋतु आ जाती है और इसी प्रकार से seasons में परिवर्तन होता रहता है।

Winter season is caused by revolution of Earth
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हुए किस तरह दिखाई देती है

Winter Solstice किसे कहते हैं

21 दिसंबर को मकर रेखा ( tropic of Capricorn) सूर्य से सीधी किरणें प्राप्त करती है क्योंकि पृथ्वी का दक्षिण ध्रुव (south Pole) सूर्य की ओर झुका हुआ होता है जिसके कारण से northern hemisphere में सर्दी और southern hemisphere में गर्मी होती है और इसी घटना को Winter solstice  कहते हैं। Winter solstice के दौरान northern hemisphere मैं दिन सबसे छोटा होता है और southin hemisphere मे दिन सबसे लंबा होता है।

 winter solstice in winter season
Image of winter solstice

Equinox किसे कहते हैं

साल के वो 2 दिन 21st of March और 23rd of September जिसमें पृथ्वी का झुकाव ना तो सूर्य की ओर होता है ना ही धरती से दूर इसी घटना को equinox कहते हैं और equinox के दौरान दिन और रात दोनों एक बराबर होते हैं। 21st of March को northern hemisphere में spring का सीजन रहता है तो वहीं South hemisphere मे बिल्कुल उसके विपरीत autumn का सीजन रहता है।

Equinox in winter season
Equinox क्या होता है

Winter solstice 2021

Winter Solstice को हम winter equinox , first day of winter भी कहते हैं।

Northern hemisphere में winter solstice 2021 date , first day of winter 2021, winter equinox 2021 date है :-

Tuesday, 21 December at 9:28 pm

Equinox 2021 Date

3:07 pm on Saturday 20 March 

Winter season in India 2021/ भारत में शरद ऋतु 2021

दोस्तों हमारा भारत देश northern hemisphere भी आता है और इसलिए India में शरद ऋतु मंगलवार 21 दिसंबर 2021 को रात 9:28 से प्रारंभ होगी।

What are the months of Winter/ सर्दी के महीने कौन – कौन से हैं

1. December / दिसंबर

2. January/ जनवरी

3. February / फरवरी

4. March / मार्च

और भारत में  सर्दियां रविवार 20 मार्च 2022 में खत्म हो जाएंगी।

we can define winter season in in three dimension / हम सर्दियों के मौसम को तीन आयामों में परिभाषित कर सकते हैं

1. Temperature / तापमान

2. Pressure and Winds / दबाव और हवाएं

3. Rainfall / वर्षा

1. Temperature / तापमान 

तापमान नवंबर के मध्य तक northern India मैं सेट हो जाता है , औसत दैनिक तापमान 21 degree celcius के नीचे रहता है। रात का तापमान काफी कम हो सकता है। सर्दियों के मौसम में आप कंप्यूटर (computer) या मोबाइल (mobile) की सहायता से तापमान (temperature) का पता लगा सकते हैं।

सर्दियों के मौसम में North India मैं अत्यधिक ठंड के तीन मुख्य कारण है:-

1. पंजाब हरियाणा राजस्थान जैसे राज्य समुद्र ,महाद्वीप की जलवायु के मध्यम प्रवाह (moderating influence) से बहुत दूर है।

2. निकटवर्ती Himalayan ranges में snowfall से शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

3. फरवरी के आसपास Caspian Sea और turkmenistan से वाली ठंडी हवाएं भारत में उत्तर पश्चिमी (north Western) भाग में शीत लहर और कोहरे के साथ आती है।

Temperature in peninsular India /  प्रायद्वीपीय भारत में तापमान

Peninsular India मैं एक अच्छी तरह से परिभाषित सर्दियों का मौसम नहीं है। समुद्र के मध्यम प्रभाव (moderating influence) और भूमध्य रेखा (equator) से निकटता के कारण तटीय क्षेत्रों में तापमान के वितरण पैटर्न (distribution pattern) मैं शायद ही कोई मौसमी परिवर्तन होता है।

Pressure and Winds / दबाव और हवाएं

इस मौसम में मौसम उत्तरी मैदान (northern plain) पर कमजोर उच्च दबाव (pressure) की स्थिति की विशेषता है।

दक्षिण भारत (south India) मैं वायुदाब थोड़ा कम होता है इसलिए उत्तर पश्चिमी ( North Western) उच्च दाब क्षेत्र से हवाएं चलने लगती है।

Low pressure / कम दबाव :- लगभग 3 से 5 किलो मीटर पर घण्टे की कम वेग (velocity) वाली हल्की हवाएं बाहर की ओर बहने लगती हैं।

सुखद मौसम की स्थिति, हरलाखी अंतराल पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Western jet stream) की भूमिका के कारण पूर्व भूमध्य सागर ( east Mediterranean Sea) से उत्पन्न उथले चक्रवर्ती अवसाद (shallow cyclonic depression) से असंतुलित हो जाती है।

Rainfall / वर्षा

शीतकालीन मानसून (winter monsoon) वर्षा का कारण नहीं बनता है क्योंकि शीतकालीन मानसून भूमि से समुद्र (land to sea) में चला जाता है। इनमें नमी (humidity) कम होती है। भूमि पर प्रति चक्रीय परिसंचरण (anticyclonic circulation) के कारण शीतकालीन मानसून से वर्षा की संभावना कम हो जाती है। हालांकि इसमें कुछ अपवाद (exception) भी है।

1. उत्तर पश्चिमी (north Western) भारत में, भूमध्य सागर (mediterranean sea) से कुछ कमजोर शमी शीतोष्ण चक्रवात (weak temperate cyclones) पंजाब,हरियाणा,दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का कारण बनते हैं।

वर्षा की मात्रा कम होती है लेकिन रबी फसलों के लिए अत्यधिक लाभकारी होती है।

जी निचले हिमालय में वर्षा हिमपात (snowfall) के रूप में होती है। मैदानी भागों में पश्चिम से पूर्व (west to east) की ओर तथा पर्वतों में उत्तर से दक्षिण (North to South) की ओर वर्षा घटती जाती है।

2. भारत के मध्य भाग पर दक्षिणी प्रायद्वीप के उत्तरी भाग ( central part and northern part of southern peninsula) मैं कभी-कभी शीतकालीन वर्षा भी होती हैं।

3. भारत के उत्तर पूर्वी हिस्सों (northeastern parts) में अरुणाचल प्रदेश और असम में भी इन सर्दियों के महीनों में 25 mm और 50 mm के बीच बारिश होती है।

4. अक्टूबर और नवंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून (north eastern monsoon) बंगाल की खाड़ी (bay of Bengal) को पार करते हुए नमी (moisture) उठाता है और तमिल नाडु तट (coast), दक्षिणी आंध्र प्रदेश, दक्षिणी कर्नाटक और दक्षिणी पूर्व केरल में मूसलाधार वर्षा कराता है।

Winter season एक बहुत ही अच्छा मौसम है और यह काफी सारे लोगों का फेवरेट मौसम भी है मैं आशा करता हूं कि आपको भी सर्दियों का मौसम पसंद होगा अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा हो तो कमेंट करें और शेयर करें धन्यवाद!

 

 

 

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